शरीर और त्वचा की गांठ (Soft Tissue & Skin Lump) को न करें इग्नोर: जानें कारण, लक्षण और इलाज

अक्सर शरीर के किसी हिस्से पर अचानक कोई गांठ (Lump) महसूस होने पर हम घबरा जाते हैं। कई लोग डर के कारण या इसे सामान्य समझकर महीनों तक डॉक्टर के पास नहीं जाते। यह सच है कि त्वचा के नीचे पनपने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना भविष्य में किसी बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

समय रहते सही निदान और आधुनिक सर्जरी से इन गांठों (Soft Tissue & Skin Lumps) से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MGIMS), हिसार में अनुभवी सर्जनों की टीम इन समस्याओं का सटीक और सुरक्षित इलाज कर रही है।

Soft Tissue और Skin Lump क्या हैं?

हमारे शरीर में वसा (Fat), मांसपेशियों, नसों या अन्य मुलायम ऊतकों में जो असामान्य उभार या गांठ बन जाती है, उसे सॉफ्ट टिश्यू लंप कहते हैं। वहीं, जो गांठ सीधे त्वचा की सतह या ठीक उसके नीचे बनती है, वह स्किन लंप कहलाती है।

ये गांठें शरीर के किसी भी हिस्से में उभर सकती हैं:

  • गर्दन और कंधे

  • पीठ या कमर

  • हाथ और पैर

  • सिर और चेहरा

  • पेट के आस-पास का हिस्सा

शरीर में गांठ बनने के मुख्य कारण

गांठ बनने के पीछे कोई एक नहीं, बल्कि कई कारण हो सकते हैं। इनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • वसा (Fat) का एक जगह इकट्ठा होना

  • त्वचा के नीचे सिस्ट (पानी या तरल पदार्थ की थैली) बनना

  • किसी प्रकार का संक्रमण या इन्फेक्शन

  • पुरानी चोट के कारण ऊतकों (Tissues) में बदलाव

  • ग्रंथियों (Glands) में सूजन आना

  • त्वचा की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि

 

शरीर में बनने वाली गांठों को उनके लक्षणों और कारणों के आधार पर कई हिस्सों में बांटा जाता है। नीचे दी गई टेबल से इन्हें आसानी से समझें:

इन गंभीर लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर (Red Flags)

अगर आपकी गांठ में निम्नलिखित में से कोई भी बदलाव दिख रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • गांठ के आकार का बहुत तेजी से बढ़ना

  • छूने पर या बिना छुए भी लगातार दर्द रहना

  • गांठ के आस-पास की त्वचा का रंग लाल या नीला पड़ना

  • गांठ का पत्थर की तरह सख्त महसूस होना

  • उसमें से पस (मवाद), पानी या खून निकलना

  • गांठ के साथ लगातार बुखार आना

डॉक्टर इसकी जांच कैसे करते हैं?

किसी भी गांठ का इलाज शुरू करने से पहले उसकी सही पहचान करना जरूरी है। विशेषज्ञ डॉक्टर इसके लिए कुछ आधुनिक जांचों का सहारा लेते हैं:

  • शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर गांठ को छूकर उसके आकार, नरमी या सख्ती की जांच करते हैं।

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): इससे पता चलता है कि गांठ के अंदर पानी भरा है या वह ठोस है।

  • CT Scan या MRI: शरीर के अंदर गहराई में मौजूद गांठों का सटीक पता लगाने के लिए।

  • बायोप्सी (Biopsy): कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी की शंका होने पर गांठ के एक छोटे से हिस्से को लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।

Soft Tissue & Skin Lump Removal सर्जरी क्या है?

जब गांठ आकार में बड़ी हो जाए, दर्द देने लगे या देखने में भद्दी लगने लगे, तो डॉक्टर इसे सर्जरी के जरिए निकालने (Lump Removal Surgery) की सलाह देते हैं। यह एक बेहद सुरक्षित प्रक्रिया है।

सर्जरी के मुख्य चरण:

  • मरीज को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि दर्द महसूस न हो।

  • सर्जन बहुत ही सावधानी से गांठ को जड़ से निकाल देते हैं।

  • घाव को टांकों से बंद कर दिया जाता है।

  • लिपोमा जैसी छोटी गांठों के मामले में मरीज को उसी दिन (Day-care) अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।

सर्जरी के बाद रिकवरी और देखभाल

गांठ निकलवाने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखकर आप जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं:

  • डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं समय पर लें।

  • घाव को साफ और सूखा रखें ताकि इन्फेक्शन न हो।

  • नियमित रूप से अपनी पट्टी (Dressing) बदलवाएं।

  • जब तक टांके पूरी तरह ठीक न हो जाएं, भारी वजन उठाने से बचें।

  • फॉलो-अप (Follow-up) के लिए डॉक्टर के पास जरूर जाएं।

MGIMS, हिसार ही क्यों?

अगर आप गांठ की समस्या से परेशान हैं, तो महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MGIMS) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

यहां मिलने वाली सुविधाएं:

  • अनुभवी और विशेषज्ञ जनरल सर्जन

  • जांच और निदान की अत्याधुनिक मशीनें

  • सुरक्षित और दर्द-रहित सर्जिकल प्रक्रिया

  • इंफेक्शन-फ्री और हाइजेनिक वातावरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या शरीर की हर गांठ कैंसर (Cancer) होती है?

जी नहीं, शरीर में होने वाली 80-90% गांठें बिल्कुल सामान्य (Non-cancerous) होती हैं।

2. लिपोमा (Lipoma) क्या है?

यह फैट (चर्बी) के जमा होने से बनी एक मुलायम गांठ है, जो शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती।

3. क्या सर्जरी के दौरान बहुत दर्द होता है?

बिल्कुल नहीं। यह प्रक्रिया एनेस्थीसिया के प्रभाव में की जाती है, जिससे मरीज को दर्द का एहसास नहीं होता।

4. क्या सर्जरी के बाद गांठ वाली जगह पर निशान रह जाता है?

आधुनिक सर्जरी में कट बहुत छोटा लगाया जाता है। शुरुआत में हल्का निशान रह सकता है, जो समय के साथ लगभग गायब हो जाता है।

5. क्या एक बार निकालने के बाद गांठ दोबारा बन सकती है?

अगर गांठ को जड़ से हटा दिया जाए तो उसी जगह पर इसके दोबारा होने की संभावना बेहद कम होती है।

6. इलाज के लिए कहाँ संपर्क करें?

महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MGIMS)

📞 संपर्क नंबर: 99902-64611, 99924-87111

📍 पता: ITI चौक, हरि पैलेस के पीछे, तोशाम रोड, हिसार

🌐 वेबसाइट: MGIMS Haryana Official Website

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